धारा 370 हटाने के खिलाफ याचिका पर सीजेआई बोले ‘ये कैसी याचिका है, समझ नहीं आयी’
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि यह याचिका आधा घंटे तक पढ़ी, मेरे समझ में नहीं आया, यह कैसी याचिका है।
याचिकाकर्ता एम एल शर्मा को फटकार लगाते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि ये किस तरह की याचिका है? क्या ऐसे याचिका दायर की जाती है? इसमें अनेक्सर नहीं है। कोई प्रेयर नहीं है। आप कहना क्या चाहते हैं कुछ पता नहीं है। मैंने आपकी याचिका आधे घंटी तक पढ़ी लेकिन किस बारे में याचिका है यह समझ नहीं पाया।
एम्एल शर्मा और कश्मीर टाइम्स की कार्यकारी संपादक अनुराधा भसीन की ओर से जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के केंद्र के फैसले के एक दिन बाद छह अगस्त को याचिका दायर की गयी थी। इसमें अधिवक्ता एम एल शर्मा ने अपनी याचिका में दावा किया है कि अनुच्छेद 370 पर राष्ट्रपति का आदेश गैरकानूनी है क्योंकि यह जम्मू-कश्मीर विधानसभा की सहमति के बिना जारी किया गया।
वहीँ पत्रकार अनुराधा भसीन ने अपनी याचिका में पूरे राज्य में मोबाइल इंटरनेट एवं लैंडलाइन सेवाओं समेत संचार के सभी माध्यमों को बहाल करने के निर्देश देने की मांग की है ताकि मीडिया अपना काम कर सके।
इससे पहले मंगलवार को देश की शीर्ष अदालत ने प्रतिबंधों पर हस्तक्षेप करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि संवेदनशील स्थिति को सामान्य बनाने के लिए कुछ समय दिया जाना चाहिए और सुनवाई दो हफ्तों के बाद तय की थी।
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट में एक अन्य याचिका नेशनल कॉन्फ्रेंस की तरफ से भी दायर की गयी है। यह याचिका लोकसभा सदस्य मोहम्मद अकबर लोन और न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) हसनैन मसूदी ने दायर की है। दोनों नेशनल कॉन्फ्रेंस से हैं।
