राम मंदिर पर उल्टा पड़ा सरकार का दांव, आज 13 अखाड़ों की बैठक, निर्मोही अखाडा जायेगा कोर्ट

राम मंदिर पर उल्टा पड़ा सरकार का दांव, आज 13 अखाड़ों की बैठक, निर्मोही अखाडा जायेगा कोर्ट

नई दिल्ली। अयोध्या मामले में गैर विवादित ज़मींन हिन्दू पक्षकारो को सौंपे जाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीमकोर्ट में दाखिल की गयी याचिका पर निर्मोही अखाड़े का कहना है कि केंद्र सरकार उनके दावे को नकार रही है।

निर्मोही अखाड़े की तरफ से प्रतिक्रिया में कहा गया है कि यदि यही करना था तो मामला इतने दिनों तक लंबित रखने की क्या आवश्यकता थी।

गौरतलब है कि 30 सितंबर 2010 को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अयोध्या विवाद को लेकर फैसला सुनाते हुए अयोध्या में 2.77 एकड़ की विवादित जमीन को 3 हिस्सों में बांट दिया था। जिस जमीन पर राम लला विराजमान हैं उसे हिंदू महासभा, दूसरे हिस्से को निर्मोही अखाड़े और तीसरे हिस्से को सुन्नी वक्फ बोर्ड को दे दिया गया था।

वही आज प्रयागराज के कुंभ मेले में 13 अखाड़ा परिषदो की बैठक हो रही है। इस बैठक में राम मंदिर मुद्दे पर मंथन किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक इस बैठक में संत आज इस मुद्दे पर कोई बड़ा ऐलान भी कर सकते हैं। इसके अलावा विश्व हिंदू परिषद भी कुंभ में जारी अपनी महासंसद में राम मंदिर के मुद्दे पर चर्चा करेगा।

याचिका में क्या कहा है सरकार ने:

बता दें कि अयोध्या में रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद के आसपास की करीब 70 एकड़ जमीन केंद्र सरकार के पास है। इसमें से 2.77 एकड़ की जमीन पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया था। जिस भूमि पर विवाद है वह जमीन 0.313 एकड़ ही है।

सुप्रीमकोर्ट में दाखिल की गयी याचिका में मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि अयोध्या में हिंदू पक्षकारों को जो हिस्सा दिया गया है, वह रामजन्मभूमि न्यास को दे दिया जाए जबकि 2.77 एकड़ भूमि का कुछ हिस्सा भारत सरकार को लौटा दिया जाए।

केंद्र की तरफ से दायर याचिका में मांग की गयी है कि अयोध्या में विवादित स्थल पर हिंदू पक्षकारों को जो जमीन दी गई है, उसे रामजन्मभूमि न्यास को सौंप दिया जाए और गैर विवादित जमीन को भारत सरकार को सौंप दिया जाए।

TeamDigital