डा मनमोहन सिंह का पीएम मोदी पर तंज “मैं प्रेस से बात करने से डरने वाला पीएम नहीं था”

डा मनमोहन सिंह का पीएम मोदी पर तंज “मैं प्रेस से बात करने से डरने वाला पीएम नहीं था”

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह ने कहा है कि बतौर प्रधानमंत्री उन्होंने मीडिया से हमेशा बातचीत की और वे प्रेस से डरने वाले प्रधानमंत्री नहीं थे।

डा मनमोहन सिंह के इस बयान को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के उस बयान से जोड़कर देखा जा रहा है जिसमे हाल ही में उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की सलाह दी थी।

राहुल गांधी ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कभी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करते, वे मीडिया से बात नहीं करते। इतना ही नहीं राहुल गांधी तेलंगाना के विधानसभा चुनावो के दौरान ट्वीट करके पीएम मोदी को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की सलाह भी दी थी।

समाचार एजेंसी आईएनएस के मुताबिक, मनमोहन सिंह ने अपनी किताब ‘चेंजिंग इंडिया’ के विमोचन के मौके पर यह भी कहा कि भारत एक प्रमुख आर्थिक वैश्विक शक्ति बनने वाला है। पांच खंडों में प्रकाशित इस पुस्तक, चेंजिंग इंडिया, में कांग्रेस नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के प्रधानमंत्री के रूप में उनके 10 वर्षो के कार्यकाल, तथा एक अर्थशास्त्री के रूप में उनके जीवन के विवरण शामिल हैं।

मनमोहन ने कहा, “मैं कोई ऐसा प्रधानमंत्री नहीं था, जिसे प्रेस से बात करने में डर लगता हो। मैं नियमित तौर पर प्रेस से मिलता था, और जब भी मैं विदेश दौरे पर जाता था, लौटने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन जरूर बुलाता था।”

उन्होंने कहा, “उन तमाम संवाददाता सम्मेलनों को इस पुस्तक में वर्णित किया गया है।” वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने कहा, “लोग कहते हैं कि मैं एक मौन प्रधानमंत्री था, लेकिन यह किताब उन्हें इसका जवाब देगी। मैं प्रधानमंत्री के रूप में अपनी उपलब्धियों का बखान नहीं करना चाहता, लेकिन जो चीजें हुई हैं, वे पांच खंडों की इस पुस्तक में मौजूद हैं।”

मनमोहन का बयान ऐसे समय में आया है, जब इसके पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री के अबतक के कार्यकाल के दौरान एक भी संवाददाता सम्मेलन आयोजित न करने के लिए मोदी का मजाक उड़ाया है।

मनमोहन ने देश के भविष्य के बारे में कहा कि तमाम गड़बड़ियों के बावजूद भारत एक प्रमुख वैश्विक ताकत बनने वाला है। सिंह ने विक्टर ह्यूगो का उद्धरण देते हुए कहा, “एक प्रमुख वैश्विक शक्ति के रूप में भारत के उदय एक ऐसा विचार है, जिसका समय आ गया है और धरती पर कोई भी ताकत इस विचार को रोक नहीं सकती।” मनमोहन ने 1991 में तत्कालीन वित्तमंत्री के रूप में अपने बजट भाषण के दौरान भी विक्टर ह्यूगो का उद्धरण पेश किया था।

TeamDigital