देशभर से आये किसान – जवान आज दिल्ली में करेंगे हल्ला बोल

देशभर से आये किसान – जवान आज दिल्ली में करेंगे हल्ला बोल

नई दिल्ली। किसानो की कर्ज माफ़ी, गन्ना के बकाये के भुगतान और स्वामीनाथन आयोग कोई रिपोर्ट लागू किये जाने की मांग लेकर आज देशभर के किसान दिल्ली में मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और संसद का घेराव करेंगे। दो दिन के इस प्रदर्शन में सेना के पूर्व जवान भी शामिल होंगे।

सेना के जिन जवानों ने वन रैंक वन पेँशन के लिए आंदोलन किया था उन्होंने किसानों के इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। सेनानिवृत्त मेजर जनरल सतबीर सिंह का कहना है कि हमारे 80 प्रतिशत जवान किसान परिवार से हैं।

किसानो के आज हो रहे प्रदर्शन का आयोजन अखिल भारतीय किसान मुक्ति मोर्चा (एआईकेसीसी) के बैनर तले किया जा रहा है। इसमें देश के करीब 70 किसान संगठनों के अलावा 21 राजनैतिक दलों का समर्थन मिला है।

किसानो की अहम समस्या गन्ने के बकाये को लेकर है। किसानो का कहना है कि गन्ने की पिराई का आधा समय बीत चूका है लेकिन अभी तक पिछले बकाया का भी भुगतान नहीं हुआ है। साथ ही किसान कर्जमाफी और लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य दिए जाने और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू किये जाने की भी मांग कर रहे हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले इस वर्ष दो अक्टूबर को भी किसानो ने दिल्ली कूंच किया था लेकिन उन्हें दिल्ली यूपी बॉर्डर पर रोक दिया गया था। इस दौरान पुलिस के लाठचार्ज में कई किसान घायल हो गए थे।

एआईकेसीसी के संयोजक वीएम सिंह ने कहा, ‘हमने अपने एजेंडे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। हमने उन्हें बताया है कि कुछ मुख्यमंत्री और एनडीए के साझेदारों ने विधेयक को अपना समर्थन दिया है। मुख्यमंत्रियों में नारा चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार शामिल हैं। 21 पार्टियां इसपर राजी हुई हैं।’

उन्होंने कहा कि हम दोनों विधेयकों को प्राइवेट मेंबर बिल के तौर पर संसद में पेश करेंगे। यदि मोदी सरकार जीएसटी विधेयक के लिए विशेष सत्र बुलाकर उसे आधी रात को पास कर सकती है तो वह किसानों के लिए ऐसा क्यों नहीं कर सकती है।

TeamDigital