अयोध्या में धर्मसभा के खिलाफ सिर्फ शिवपाल ने दिखाई हिम्मत, राजभवन घेरा

अयोध्या में धर्मसभा के खिलाफ सिर्फ शिवपाल ने दिखाई हिम्मत, राजभवन घेरा

लखनऊ। अयोध्या में विश्व हिन्दू परिषद और अन्य हिन्दू संगठनों द्वारा आज आयोजित की गयी धर्मसभा पर जहाँ समाजवादी पार्टी सहित अन्य राजनैतिक दलों ने ख़ामोशी बनाये रखी वहीँ प्रोग्रेसिव समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल यादव एक मात्र ऐसे नेता थे जिन्होंने धर्मसभा के खिलाफ पैदल मार्च निकालकर राजभवन का घेराव किया।

अयोध्या में जहाँ एकतरफ हिन्दू संगठनों के लोगो के जमावड़े के बीच विहिप, बीजेपी और अन्य हिन्दू संगठनों के नेता भाषणबाज़ी कर माहौल गरमा रहे थे वहीँ दूसरी तरफ अयोध्या से दूर लखनऊ में शिवपाल सिंह यादव ने धर्मसभा के आयोजन को लेकर सवाल उठाये।

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के नेता व प्रमुख शिवपाल यादव ने अयोध्या में हो रही धर्मसभा को लेकर पैदल मार्च निकाला। इस दौरान उनके साथ पूर्व मंत्री शादाब फातिमा सहित कई बड़े प्रसपा नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। शिवपाल यादव ने अयोध्या के विषय पर राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा।

शिवपाल यादव ने आगाह किया कि पूर्ववर्ती कल्याण सिंह सरकार के दौरान जो हुआ था उसे अयोध्या में फिर न दोहराया जाए। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, लिहाजा इस मुद्दे पर किसी भी तरह की सभा न्यायालय की अवमानना है, इसलिए सरकार इस सभा को तत्काल बर्खास्त करे।

शिवपाल सिंह यादव ने पत्रकारों से बातचीत में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए एक फॉर्मूला भी सुझाया। शिवपाल का कहना था कि प्रदेश सरकार के पास काफी तादाद में ज़मीन पड़ी है। राम मंदिर का निर्माण सरयू नदी के किनारे कहीं भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विवादित भूमि पर राम मंदिर निर्माण नहीं होना चाहिए।

गौरतलब है कि आज अयोध्या में आयोजित धर्मसभा में विहिप ने जल्द मंदिर निर्माण की मांग को दोहराते हुए कहा कि वह विवादित भूमि पर मुसलमानो नमाज़ नहीं पढ़ने देगी और उसे पूरी विवादित भूमि चाहिए। विहिप ने हाईकोर्ट द्वारा विवादित भूमि को तीन भागो में बांटने के निर्णय को भी स्वीकार करने से इंकार कर दिया।

वहीँ दूसरी तरफ राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने को लेकर आरएसएस और हिन्दू संगठनों के बढ़ते दबाव के बीच बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि अध्यादेश लाने पर कोई भी निर्णय कोर्ट का फैसला आने के बाद ही लिया जाएगा।

आजतक के एक कार्यक्रम में बातचीत करते हुए राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने के सवाल के जबाव में अमित शाह ने कहा कि कोर्ट के फैसले से पहले कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।

TeamDigital