लोकसभा चुनाव से पहले हो सकते हैं जम्मू कश्मीर के विधानसभा चुनाव
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग होने के बाद चुनाव आयोग ने कहा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले राज्य में विधानसभा चुनाव कराये जा सकते हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ओ पी रावत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव मई से पहले करवाए जाने चाहिए। यह संसदीय चुनाव से भी पहले हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के अनुसार सदन को भंग किए जाने के छह माह की सीमा के भीतर चुनाव करवा लिए जाने चाहिए और यह अवधि मई 2019 आती है। उन्होंने साफ किया कि आयोग सभी पहलुओं पर विचार कर चुनाव तिथियों की घोषणा करेगा।
चुनाव आयुक्त ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय राष्ट्रपति द्वारा मांगी गई राय पर आया था। उन्होंने कहा कि चुनाव पहला मौका मिलते ही होना चाहिए, जिसका अर्थ है कि छह माह से पहले भी हो सकता है। तेलंगाना पर भी यही सिद्धान्त लागू होता है, जहां विधानसभा को समय से पहले ही भंग कर दिया गया।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बुधवार देर शाम राज्य विधानसभा को भंग कर दिया था। इससे कुछ ही घंटे पहले पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की महबूबा मुफ्ती सईद ने नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के सहयोग से सरकार बनाने का दावा राज्यपाल के समक्ष पेश किया था।
महबूबा मुफ़्ती ने 87 सदस्यीय विधानसभा में 56 विधायकों के समर्थन का दावा किया था। उसके कुछ ही समय बाद पीपुल्स कांफ्रेंस नेता सज्जाद लोन ने भी सरकार बनाने का दावा पेश किया। लोन के पास दो विधायक हैं और उन्होंने भाजपा के 25 और 18 से अधिक अन्य विधायकों का समर्थन होने का दावा किया था।
