डेढ़ दर्जन सीटों पर बीजेपी का खेल बिगाड़ रहे सवर्ण
भोपाल ब्यूरो। मध्य प्रदेश में एंटी इंकम्बेंसी झेल रही बीजेपी की एक और बड़ी मुश्किल राज्य के सवर्ण संगठन हैं। जैसे जैसे चुनाव प्रचार में तेजी आ रही है वैसे वैसे सवर्ण संगठन बीजेपी के समक्ष खुलकर सामने आ रहे हैं।
ताजा स्थति यह है कि मध्य प्रदेश की कम से कम 18 सीटों पर सवर्ण संगठन बीजेपी को बड़ा नुकसान दे सकते हैं। एससी/एसटी एक्ट में सुप्रीमकोर्ट द्वारा किये गए संशोधन पर बीजेपी से नाराज़ हुए सवर्ण संगठनों को मनाने की हर कोशिश फेल हो चुकी है और सवर्ण सपाक्स के नाम से अपनी पार्टी बनाकर चुनावी मैदान में हैं।
चुनावी जानकारों की माने तो मध्य प्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी के बीच बेहद नज़दीक की लड़ाई है। ऐसे में यदि ऊँची जातियों से जुड़े मतदाताओं ने बीजेपी से मूँह मोड़ा तो पार्टी की राज्य की सत्ता से विदाई तय है।
वहीँ सवर्णो की बीजेपी से नाराज़गी को भांपते हुए कांग्रेस ख़ामोशी से काम कर रही है। यदि सवर्णो के एक प्रतिशत वोट भी बीजेपी से छिटकते हैं तो उसका सीधा लाभ कांग्रेस को मिलेगा। मध्य प्रदेश में उच्च जाति के मतदाता परम्परागत तौर पर बीजेपी से जुड़े रहे हैं लेकिन इस बार बीजेपी से उनकी नाराज़गी साफतौर पर दिखाई दे रही है।
चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि इस बार बीजेपी के लिए कई नकारात्मक पहलु हैं जिसके चलते उसका सत्ता में वापसी करना मुश्किल हो सकता है। इनमे पहला नकारात्मक पहलु सरकार विरोधी लहर और राज्य के कई इलाको में बीजेपी विधायकों का विरोध है।
वहीँ दूसरा नकारात्मक पहलु बीजेपी के बागी हैं तथा कई विधानसभा क्षेत्रो में पार्टी के अंदर ही उम्मीदवारों का विरोध चल रहा है। तीसरा नकारात्मक पहलु सवर्णो की बीजेपी से नाराज़गी है जिसके चलते पार्टी को चुनाव में बड़ा डेंट लग सकता है।
सवर्ण संगठनों से जुड़े मतदाता 8 जिलों की 18 सीटों पर बीजेपी का खेल बिगाड़ सकते हैं इनमें भोपाल, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, इंदौर, सागर तथा रीवा जिले शामिल हैं ।
कौन से संगठन कर रहे बीजेपी का विरोध:
करणी सेना, परशुराम सेना, वैश्य समाज, कायस्थ समाज, ब्राह्मण एकता परिषद, अग्रवाल समाज, अग्रसेन समाज जैसे उच्च जाति के संगठन एससी/एसटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ खुलकर सामने आये थे और अब इन्ही संगठनों से जुड़े मतदाता बीजेपी का विरोध कर रहे हैं।
फिलहाल देखना है कि चुनाव के दिन से पहले स्थति में कितना बदलाव आता है। बता दें कि मध्य प्रदेश में 28 नवंबर को 230 विधानसभा क्षेत्रो के लिए मतदान होगा और 11 दिसंबर को चुनाव परिणाम घोषित किये जायेंगे।
