इलाहाबाद का नाम बदले जाने पर मुश्किल में योगी सरकार, ये है वजह
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किये जाने पर हाईकोर्ट ने जबाव तलब किया है।इलाहाबाद शहर का नाम बदले जाने पर सज्ञान लेते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों से जबाव तलब किया है।
उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने नोटिस जारी कर दोनों सरकारों से इस संदर्भ में जबाव तलब किया है। इस मामले में अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी।
इससे पहले आज हरिशंकर पांडे की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति आर एस चौहान की खंड पीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर सात दिन के अंदर जबाव कोर्ट में रखने के निर्देश दिए।
हरिशंकर पांडे ने अपनी जनहित याचिका में कोर्ट से कहा कि राजस्व संहिता की धारा 6(2) के मुताबिक राज्य सरकार ने इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने के लिए प्रक्रिया को पूरा नहीं किया।
याचिका में कहा गया कि योगी सरकार ने नाम बदलने को लेकर आपत्तियां जाने बिना ही जनपद का नाम बदलकर इलाहाबाद से प्रयागराज कर दिया। याचिकाकर्ता ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल राम नाइक और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने संतो से बातचीत के बाद ही जनपद का नाम बदलने का निर्णय ले लिया। जो नियम विरुद्ध है।
याचिका में कहा गया कि किसी जनपद का नाम बदलने की एक प्रक्रिया होती होती है। इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किये जाने के लिए इस प्रक्रिया को नज़रअंदाज किया गया। इस मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी।
