अयोध्या विवाद: SC का जल्द सुनवाई से इंकार, कोर्ट के बाहर मामला हल करने को तैयार मुस्लिम पक्षकार

अयोध्या विवाद: SC का जल्द सुनवाई से इंकार, कोर्ट के बाहर मामला हल करने को तैयार मुस्लिम पक्षकार

नई दिल्ली। अयोध्या विवाद पर जल्द सुनवाई की मांग पर सुप्रीमकोर्ट ने इंकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को इस मामले की तेजी से सुनवाई करने के लिए अपील की गई थी।

ये अपील अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने दाखिल की थी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इस मामले की सुनवाई जल्द करने से इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस का कहना है कि उन्होंने पहले ही इस मामले में तारीख दी हुई है।

इस मामले में पहली सुनवाई 29 अक्टूबर को हुई थी और अगली सुनवाई के लिए जनवरी, 2019 की तारीख तय की गयी थी। वहीँ दूसरी तरफ अयोध्या विवाद को कोर्ट से बाहर हल करने के लिए बाबरी मस्जिद के पक्षकारो ने पहल की है।

श्री श्री रविशंकर को लिखे एक पत्र में बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब ने कहा कि हमारा मानना है कि अयोध्या मुद्दे का अदालत से बाहर किया गया फैसला ही हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच एक लंबे समय तक शांति, सौहार्द और सद्भाव कायम कर सकता है। हम उनके प्रयासों की प्रशंसा करते हैं और पूर्ण रूप से उनका समर्थन करते हैं।

हालाँकि पत्र में ऐसा कोई उल्लेख नहीं है कि मुस्लिम पक्षकार कोर्ट से बाहर किस तरह से फैसला चाहते हैं। यदि कोर्ट के बाहर दोनों पक्षों में फैसला होगा तो उसकी शक्ल क्या होगी। लेकिन ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि बाबरी मस्जिद के पक्षकार चाहते हैं कि अयोध्या की विवादित भूमि दूसरे पक्ष को सौंप दी जाए तथा उस जगह से कुछ दुरी पर मस्जिद का निर्माण हो।

वहीँ दूसरी तरफ हिन्दू संगठन यह कहते रहे हैं कि वे किसी हाल में अयोध्या में बाबरी मस्जिद का निर्माण नहीं होने देंगे। हिन्दू संगठनों की तरफ से बाबरी मस्जिद बनाने के नाम पर आपत्ति की जाती रही है।

ऐसे में देखना है कि यदि कोर्ट के बाहर फैसले पर सहमति बनती है तो उस फैसले में बाबरी मस्जिद और राम मंदिर के पक्षकारो के हिस्से में क्या आता है और यह फैसला कितना कारगर होगा।

TeamDigital