बीजेपी को रोकने के लिए ममता और माया का दांव चल सकती है कांग्रेस

बीजेपी को रोकने के लिए ममता और माया का दांव चल सकती है कांग्रेस

नई दिल्ली। 2019 के आम चुनावो में भारतीय जनता पार्टी पर ब्रेक लगाने के लिए कांग्रेस अपनी रणनीति बदल सकती है। सूत्रों की माने तो नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनने से रोकने के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती या पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को पीएम बनाये जाने के लिए कांग्रेस में मंथन चल रहा है।

सूत्रों की माने तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को 2019 के चुनाव में बतौर पीएम पेश किये जाने को लेकर विपक्षी दलों की अलग अलग राय को देखते हुए कांग्रेस अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करने पर गंभीरता से विचार कर रही है।

हाल ही में सम्पन्न हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में भाग लेने वाले सभी कांग्रेस नेता इस बात पर सहमत दिखे कि किसी भी हाल में बीजेपी को रोका जाए। इतना ही नहीं कांग्रेस नेताओं की राय में एक बात खुलकर सामने आयी कि अगले आम चुनाव में विपक्षी दलों की एकजुटता के बिना बीजेपी को सत्ता में आने से रोकना आसान नहीं होगा।

कांग्रेस नेता पी चिदंरम द्वारा कार्यसमिति की बैठक में जो प्रजेंटेशन दिया गया उसके मुताबिक 12 राज्यों में कांग्रेस 150 तक सीटें जीत सकती है और यदि अन्य राज्यों में विपक्षी दल 150 सीटें जीत पाएं तो यूपीए 300 सीटों के साथ केंद्र में सरकार बना सकता है।

वहीँ अहम मुद्दा विपक्षी दलों की एकता को लेकर अटक रहा है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सभी विपक्षी दल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का नेतृत्व स्वीकार करेंगे ? विपक्षी दलों के गठजोड़ के नेतृत्व को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने चुप्पी साध रखी है लेकिन बसपा सुप्रीमो मायावती का साफ़ कहना है कि उनकी पार्टी गठबंधन तभी करेगी जब उसे सम्मानजनक सीटें मिलें।

वहीँ दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी भी राहुल गांधी को लेकर कह चुकी हैं कि उन्हें राहुल गांधी के साथ काम करने का अनुभव नहीं हैं क्यों कि राहुल गांधी काफी जूनियर हैं।

समाजवादी पार्टी की तरफ से अखिलेश यादव भी 2019 में प्रधानमंत्री के चेहरे को लेकर कह चुके हैं कि ये अभी से तय नहीं किया जा सकता, हालाँकि अखिलेश यादव ने साफतौर पर राहुल गांधी का विरोध नहीं किया लेकिन अखिलेश ने इस पर अपनी सहमति भी नहीं दिखाई।

फिलहाल यह माना जा रहा है कि बीजेपी को रोकने के लिए सभी विपक्षी दल अपना दिमाग बना चुके हैं लेकिन जब नेतृत्व की बात आती है तो सभी की अलग अलग राय सामने आ रही हैं। ऐसे में कांग्रेस के पास एक बड़ा ऑप्शन बसपा सुप्रीमो मायावती और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी हो सकती हैं।

कांग्रेस सूत्रों की माने तो कांग्रेस की पहली पसंद बसपा प्रमुख मायावती हैं। सूत्रों की माने तो यदि कांग्रेस 150 सीटों के आंकड़े तक नहीं पहुँचती तो वह मायावती को प्रधानमंत्री बनाकर दलितों को एक सन्देश अवश्य देना चाहेगी।

वहीँ सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस नेताओं का एक गुट ममता बनर्जी का यह कहकर समर्थन कर रहा है कि ममता बनर्जी पुरानी कोंग्रेसी हैं। उनकी विचारधारा आज भी कांग्रेस वाली है। हालाँकि पार्टी नेता जानते हैं कि ममता बनर्जी का नाम आगे करने से कम्युनिस्ट अपने कदम पीछे खींच सकते हैं।

यही कारण है कि यदि विपक्ष की एकजुटता के लिए कांग्रेस को पीएम पद बलिदान करना पड़ा तो वह बसपा सुप्रीमो मायावती का नाम प्रमुखता से आगे करेगी। इसके बीच अहम कारण यह भी है कि मायावती का विरोध कम्युनिस्ट सहित कोई दल नहीं करेगा और कांग्रेस दलितों में एक स्पष्ट सदेश दे पाएगी कि दलित की बेटी को प्रधानमंत्री बनाने में उसकी प्रमुख भूमिका है।

TeamDigital