डा मनमोहन सिंह ने किसानो की आमदनी दो गुना करने के सरकार के दावे को बताया “खोखला”
नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह ने मोदी सरकार के उस दावे को खोखला वादा करार दिया है जिसमे 2020 तक किसानो की आमदनी दो गुना होने का दावा किया गया है।
डा सिंह ने कहा कि जब तक कृषि विकास दर 12 फीसदी नहीं हो जाती, 2020 तक किसानों की आमदनी दोगुनी होना संभव नहीं है। इस घोषणा को उन्होंने सरकार का खोखला आश्वासन बताया।
यहां विपक्षी दलों की एक बैठक के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने मनमोहन सिंह के हवाले से यह बात कही। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि राजकोषीय घाटा बढ़ रहा है, ऐसे में देखना होगा कि सरकार अपने वादे कैसे पूरे करती है।
उन्होंने कहा कि मैं यह तो नहीं कह सकता कि यह बजट चुनाव से प्रेरित होकर बनाया गया है, लेकिन मेरी चिंता यह है कि राजकोषीय गणित दोषपूर्ण है। गौरतलब है कि इससे पूर्व नोट बंदी से देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह द्वारा की गयी भविष्यवाणी एकदम सही साबित हुई थी।
नोट बंदी को लेकर राज्य सभा में मनमोहन सिंह ने कहीं थीं ये 9 बातें :
- जो लोग कहते हैं कि नोटबंदी लंबे समय में फायदा देगी उन्हें अपने बयान वापस लेना चाहिए क्योंकि लंबे समय में हम सब मर चुके होंगे।
- नोटबंदी लागू करने में कुप्रंबधन देखने को मिला है। जीडीपी ग्रोथ 2 प्रतिशत तक कम होगी।
- हम नोटबंदी के उद्देश्य के खिलाफ नहीं लेकिन इसे लागू करने के तरीके के खिलाफ हैं।
- नोटबंदी से अब तक 60-65 लोगों की मौत हुई और आम जनता परेशान है।
- इस कदम के चलते लोगों का सरकार और करेंसी पर भरोसा कमजोर होगा।
- बड़े ग्रामीण इलाके में सेवाएं देने वाला सहकारी बैंक सेक्टर काम नहीं कर पा रहा है।
- पीएम एक देश का नाम बताएं जहां लोग पैसा जमा कर सकते हैं लेकिन निकाल नहीं सकते।
- पीएम ने लोगों से 50 दिन इंतजार करने के लिए कहा लेकिन यह 50 दिन लोगों के लिए बेहद पीड़ादायक होंगे।
- मैं उम्मीद करता हूं कि पीएम लोगों को राहत देने के लिए हमें प्रैक्टिकल तरीकों को ढूंढने में मदद करेंगे।
