योगी की सभा में नहीं आ रही भीड़, खाली कुर्सियां देख बीजेपी चिंतित
अहमदाबाद। चुनाव में हिंदुत्व की अलख जगाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात चुनाव में प्रचार के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उतारा है लेकिन योगी आदित्यनाथ को गुजरात में चुनाव की कमान देना बीजेपी के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है।
योगी आदित्यनाथ की सभा में उतनी भी भीड़ नहीं जुट रही जितनी गुजरात के स्थानीय नेताओं की नुक्क्ड़ सभाओ में जुट जाती है। हाल ही में जामनगर में आयोजित योगी आदित्यनाथ की सभा में तो 80 फीसदी कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। इन कुर्सियों पर पूरी सभा के दौरान कोई बैठने वाला वहां मौजूद नहीं था।
बीजेपी की बड़ी मुश्किल यह भी है कि इस बार विधानसभा चुनावो में आम मतदाता कटटर हिंदुत्व वाली बीजेपी की छवि से परहेज कर रहा है। यही कारण है कि उमा भारती और योगी आदित्यनाथ बीजेपी के लिए करिश्माई चेहरा नहीं बल्कि पार्टी की फिक्रें बढ़ाने वाले सिद्ध हो रहे हैं।
जामनगर में सभा करने पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एयरपोर्ट से सीधे सभा स्थल पर पहुंचे। उन्होंने सभा को सम्बोधित करते हुए गुजरात को महात्मा गांधी और सरदार पटेल की भूमि बताया। उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी के मंदिर जाने पर भी सवाल खड़े किये। लेकिन पूरी सभा में योगी के भाषणों के दौरान जनता में जोश नहीं दिखा।
वहीँ स्थानीय लोगों के अनुसार योगी की सभा में आम मतदाता न के बराबर मौजूद थे। जो लोग सभा में आये थे वे बीजेपी के पदाधिकारी और कार्यकर्त्ता थे जो अपने साथ गाड़ियों में 5-6 लोगों को बैठाकर लाये थे।

योगी की सभा में भीड़ न जुटने को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि भले ही योगी बीजेपी के प्रचार हैं लेकिन गुजरात में योगी आदित्यनाथ को लोग प्रमुखता से नहीं जानते। स्थानीय लोगों के अनुसार इस बार युवा वर्ग बीजेपी के कटटर हिंदुत्व वाले एजेंडे से दूर है। ये दो अहम कारण है जिसके कारण योगी की सभा में भीड़ नहीं जुट रही।
बता दें कि इससे पहले भी योगी आदित्यनाथ गुजरात के दौरे पर आये थे। तब भी उनकी सभाएं फ्लॉप रही थीं। यहाँ तक कि उनके रोड शो में भी भीड़ नहीं पहुंची थी और उन्हें सड़क चलते राहगीरों का अभिवादन करके काम चलाना पड़ा था।
