गुजरात चुनाव: बीजेपी को बड़ी चुनौती दे रहे ‘टमाटर, प्याज और पेट्रोल’ के दाम
नई दिल्ली। टमाटर के दामों में तेजी से हो रही बढ़ोत्तरी के बाद प्याज के दाम भी बढ़ना जारी हैं। प्याज और टमाटर दो ऐसी चीज़ें हैं जो सामान्यतः हर परिवार के खानपान का हिस्सा हैं।
जानकारों की माने तो टमाटर और प्याज की बड़ी कीमतों से मध्यमवर्ग की जेब पहले से अधिक ढीली हो रही है। इसका बड़ा असर चुनाव पर भी पड़ सकता है। चुनाव के मौके पर आम खाने पीने की बस्तुओं के दामों में बढ़ोत्तरी के साथ साथ पेट्रोल डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी बीजेपी के लिए नकारात्मक साबित हो सकते हैं।
सरकार की तरफ से एक्साइज ड्यूटी घटाए जाने के बाद जो राहत मिली थी, वह भी नाकाफी साबित हो रही है। मंगलवार को मुंबई में जहां एक लीटर पेट्रोल के लिए 76.52 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं. वहीं, गांधीनगर में इसके लिए लोगों को 68.10 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं।
पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ रही कीमतों के पीछे कच्चे तेल की कीमतें हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। फिलहाल वैश्विक बाजार में कच्चे तेल का भाव 29 महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंच गया है।
वहीँ प्याज और टमाटर की बात करें तो फसल कम होने के कारण दोनो चीज़ो के दामों में बढ़ोत्तरी हुई है और गुजरात चुनाव सपन्न होने से पहले कीमतों में किसी बड़ी राहत के संकेत नहीं हैं।
दिल्ली के आजादपुर मंडी में प्याज की कीमतें 50 से 60 रुपये किलो से ऊपर बोली जा रही है जबकि खुदरा में इसी प्याज के दाम आज 80 रुपये प्रति किलोग्राम है। वहीँ गुजरात के पादरा मंडी में प्याज का थोक भाव 4400 रुपये कुंटल तक है वहीँ रिटेल में यह 60 रुपये से 70 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है।
ऐसे में बीजेपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्याज, टमाटर और पेट्रोल के दामों को लेकर है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की तरफ से एक मुख्य वादा महंगाई को काबू करना भी था।
गौरतलब है कि गुजरात चुनाव में कांग्रेस ने जीएसटी और नोटबंदी को जोर शोर से उठाया है। वहीँ अब जैसे जैसे चुनाव करीब आएंगे अन्य कई मुद्दे भी बीजेपी के समक्ष चुनौतियों की तरह खड़े हो जायेंगे।
ऐसे में मंहगाई का मुद्दा चूँकि मध्यम और गरीब वर्ग को सीधे तौर पर प्रभावित करता है इसलिए प्याज, टमाटर और पेट्रोल की कीमतें बीजेपी के लिए गले की हड्डी बन सकती है।
जहाँ तक प्याज और टमाटर की कीमतों का सवाल है तो इनकी कीमतों में गिरावट तभी आएगी जब नई फसल मंडियों में पहुँचने लगेगी वहीँ पेट्रोल की कीमतों के बारे में जानकारो का कहना है कि अगले कुछ सप्ताह में पेट्रोल डीजल की कीमतों में और बढ़ोत्तरी हो सकती है।
