मुश्किल में बीजेपी: गुजरात चुनाव का एलान होने के बाद आंदोलन की तारीख घोषित करेंगे अन्ना!
नई दिल्ली। गुजरात में सत्ता में वापसी के लिए मशक्क्त कर रही भारतीय जनता पार्टी की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रहीं। गुजरात को अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना चुकी भारतीय जनता पार्टी यूँ तो 150 सीटें जीतने का दावा कर रही है लेकिन ज़मीनी हकीकत उसके दावों से मेल नहीं खाती। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक महीने में चौथी बार गुजरात का दौरा करना पड़ा है।
वहीँ प्रमुख सामाजिक कार्यकर्त्ता अन्ना हज़ारे इस पर पूरी तरह से पक्के पर हैं कि वे लोकायुक्त और लोकपाल की न्युक्ति को लेकर जल्द ही मोदी सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे। अभी दो दिन पहले ही अन्ना हज़ारे ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि वे इस बार हर हाल में आंदोलन करेंगे।
हालाँकि अन्ना हज़ारे ने अपने आंदोलन शुरू करने की कोई तारीख़ नहीं बताई लेकिन इतना ज़रूर कहा कि वे दिसंबर के अंत में या साल के शुरुआत में दिल्ली के रामलीला मैदान से अपना आंदोलन शुरू करेंगे।
वहीँ अन्ना के करीबी सूत्रों का कहना है कि अन्ना हज़ारे गुजरात में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा का इंतज़ार कर रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि अन्ना हज़ारे अब दिसंबर में अपना आंदोलन शुरू करने का मन बना रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि अन्ना के सहयोगियों ने सलाह दी है कि आंदोलन के लिए शुरू दिसंबर उचित समय है क्यों कि 15 दिसंबर के बाद दिल्ली में कड़ाके की सर्दी शुरू हो जाएगी।
वहीँ सूत्रों ने कहा कि अन्ना हज़ारे के सहयोगी मानते हैं कि मोदी सरकार पर दबाव बनाने के लिए गुजरात चुनावो से कुछ दिन पहले आंदोलन शुरू करना ज़्यादा फायदेमंद साबित होगा। एन चुनावो से पहले सरकार विरोधी आंदोलन से मोदी सरकार पर दबाव बनेगा।
वहीँ सूत्रों ने कहा कि अन्ना के आंदोलन में लोकायुक्त और लोकपाल की न्युक्ति तो अहम मांगे रहेंगी ही। साथ ही किसानो की दुर्दशा और मोदी सरकार द्वारा जनता से किये गए वादे पुरे न कर पाने का मामला भी उठाया जाएगा।
फ़िलहाल देखना है कि चुनाव आयोग गुजरात विधानसभा चुनावो के लिए कौन सी तारीख घोषित करता है और उसके बाद अन्ना हज़ारे की तरफ से आंदोलन शुरू करने की कौन सी तारीख तय की जाती है।
