सोशल मीडिया पर फोटो-वीडियो अपलोड नहीं कर सकते जवान, अब लेनी होगी मंजूरी

नई दिल्ली । बीएसएफ, सीआरपीएफ और उसके बाद सेना के एक जवान द्वारा अपनी आपबीती बताने के लिए सोशल मीडिया पर अपलोड किये गए वीडियो के बाद हरकत में आये गृह मंत्रालय ने अर्धसैनिक बलों के जवानों के सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं कई यूनिट में स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर रोक लगाई है। हालांकि स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर पहले से रोक है लेकिन शिकायत मिलने के बाद इस को कदम सख्ती उठाया जाएगा।

तेज बहादुर यादव के सेना में खराब खाना परोसे जाने की शिकायत वाला वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने के बाद एक-एक कर कई जवानों ने वीडियो अपलोड किए। इसके बाद 7 केन्द्रीय पेरामिलिटरी फोर्सेज के डायरेक्टर जनरल ने इस संबंध में गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन में कहा गया है कि सर्विस रूल प्रोविजन को सख्ती से लागू कराया जाए।

एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, अब कोई भी जवान ट्वीटर, फेसबुक, वॉट्सएप और यूट्यूब पर तस्वीरें और वीडियो को पोस्ट नहीं कर सकता है। अगर कोई जवान ऐसा कुछ करना चाहता है तो इसके लिए उसे अपने फोर्स के डायरेक्टर जनरल (डीजी) की अनुमति लेनी होगी। हालांकि, इस आदेश के मुताबिक किसी निजी पोस्ट पर कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है।

इससे पहले केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने कहा था कि हमारी सरकार जवानों की समस्या को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन सेना के अनुशासन में गिरावट नहीं आनी चाहिए और इसके लिए गाइडलाइन जारी कर दी गई है।

गौरतलब है कि सोमवार को तेज बहादूरने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें उसने खुलासा किया था कि जवानों को खराब खाना परोसा जा रहा है। इसके चलते कई बार जवानों को भूखे पेट सोना पड़ता है। इसके बाद सीआरपीएफ के एक जवान का वीडियो सामने आया जिसमें उसने सैलरी, पेंशन को लेकर भेदभाव को उजागर किया।

TeamDigital