दिल्लीः दिल्ली के वातावरण में जमा हुई इस ज़हरीली धुंध का ज़िम्मेदार कौन है ?
दिल्ली के वातावरण में जमा यह कैसी धुंध है? ये प्रदूषण का बड़ा रूप है या कोहरे के आगमन की आहत है । लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही हैं, आँखें जल रही हैं । जो खरीद सकते हैं वे मास्क पहनकर निकल रहे हैं लेकिन जो सड़क सहारे फुटपाथ पर सोते हैं उनका क्या हाल होगा ? दिवाली के रात से जमा होना शुरू हुई इस धुंध के लिए कौन ज़िम्मेदार है ?
नई दिल्ली । दिल्ली के वातावरण में जमा यह कैसी धुंध है? ये प्रदूषण का बड़ा रूप है या कोहरे के आगमन की आहत है । लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही हैं, आँखें जल रही हैं । जो खरीद सकते हैं वे मास्क पहनकर निकल रहे हैं लेकिन जो सड़क सहारे फुटपाथ पर सोते हैं उनका क्या हाल होगा ? दिवाली के रात से जमा होना शुरू हुई इस धुंध के लिए कौन ज़िम्मेदार है ?
पिछले 17 साल में सबसे खतरनाक धुंध की वजह से घातक वायु की मोटी परत में लिपटी दिल्ली में सांस लेने में दिक्कत, दमा और एलर्जी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इस कारण दिल्ली-एनसीआर में पिछले एक सप्ताह में मास्क की बिक्री बढ़ गई है। हालात यहां तक हो गए हैं कि मांग के अनुसार मास्क की आपूर्ति कम पड़ रही है।
चिकित्सकों और विशेषज्ञों का कहना है कि नए मामले सामने आने के साथ ही पहले से ही दमा, एलर्जी या अन्य संबंधित विकारों से ग्रस्त लोगों के लिए स्वास्थ्य जटिलताएं बढ़ गई हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा अनुमान है कि विश्व की 20 प्रतिशत से अधिक आबादी एलर्जिक अस्थमा, एलर्जिक राइनिटिस और एलर्जिक कंजक्टीवाइटिस, एटापिक एग्जिमा और ऐनफिलैक्सिज जैसे एलर्जी रोगों से पीड़ित है।
प्रदूषण के कारण दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह में मास्क की बिक्री बढ़ गई है। हालात यहां तक हो गए हैं कि मांग के अनुसार मास्क की आपूर्ति कम पड़ रही है।
भारत में वोगमास्क की बिक्री करने वाली कंपनी निर्वाणा बीइंग के मालिक जय धर गुप्ता कहते हैं, मांग इतनी अधिक है कि आधे दिन में ही हमारा स्टाक खत्म हो गया और हमें नया माल मंगाना पड़ा। हम आम तौर पर हर साल दिवाली के आसपास मास्क का स्टाक रखते हैं लेकिन इस बार इस मौसम में यह मांग दस गुना बढ़ गई है।
