दलित शब्द पर कांग्रेस ने पीएम मोदी को घेरा, बंगारू लक्ष्मण को लेकर कही ये बात
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ की एक चुनावी सभा में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सीताराम केसरी को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस ने पीएम मोदी की घेराबंदी शुरू कर दी है।
पीएम मोदी ने सीताराम केसरी को दलित बताया था जो गलत था। सीताराम केसरी दलित नहीं थे बल्कि वे वैश्य समुदाय के पिछड़ा वर्ग से थे। कांग्रेस ने पीएम मोदी के बयान पर सीधा हमला बोलते हुए बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण का मामला उठाया।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने सोमवार को ट्वीट कर लिखा कि क्या ये सच नहीं कि जब भारतीय जनता पार्टी के पहले और एकलौते दलित अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण का निधन हुआ तो उनके अंतिम संस्कार में लालकृष्ण आडवाणी के अलावा कोई और पार्टी का बड़ा नेता मौजूद नहीं था।
बता दें कि बंगारू लक्ष्मण बीजेपी के एकमात्र अध्यक्ष ऐसे थे जो दलित समुदाय से थे। वह 2000-2001 के बीच बीजेपी के अध्यक्ष रहे. 1 मार्च 2014 को 74 साल की उम्र में उनका निधन हुआ था।
क्या कहा था पीएम मोदी ने:
पीएम मोदी ने भाषण में कहा था, ‘मेरा सवाल है कि पांच साल के लिए इस परिवार से बाहर के एक व्यक्ति को अध्यक्ष बनाकर देख लीजिए। देश को पता है कि सीताराम केसरी दलित, पीड़ित और शोषित समाज से आए हुए व्यक्ति को पार्टी अध्यक्ष से कैसे हटाया गया था? कैसे बाथरूम में बंद कर दिया गया था? कैसे दरवाजे से निकालकर फुटपाथ पर फेंक दिया गया था? इसके बाद मैडम सोनिया जी को बैठा दिया गया था।’
क्या है सच:
1- सीताराम केसरी बिहार के दानापुर के रहने वाले थे और पिछड़े समाज से अवश्य थे लेकिन वे बनिया समुदाय से थे।
2- सीताराम केसरी पर पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के लिए कोई दबाव दिया गया इसका कहीं उल्लेख नहीं है।
3- सीताराम केसरी को बाथरूम में बंद करने वाली जिस घटना का पीएम मोदी ने अपने भाषण में ज़िक्र किया उसके बारे में भी कोई तथ्य अभी तक सामने नहीं आया। अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद स्वयं सीताराम केसरी ने भी इसका कहीं उल्लेख नहीं किया।
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