ट्रिपल तलाक पर सरकार के बिल के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट में जायेंगे मुस्लिम संगठन
नई दिल्ली। तीन तलाक पर सरकार के प्रस्तावित कानून वाला बिल लोकसभा में पास हो चूका है और राज्य सभा में पास होना बाकी है। लोकसभा में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) नेता पी के कुंजलीकुट्टी ने आरोप लगाया कि गत सप्ताह लोकसभा द्वारा पारित विधेयक में कई खामियां और विरोधाभास हैं।
उन्होंने कहा कि यदि राज्यसभा ने भी इसे पारित कर दिया तो मुस्लिम संस्थाएं इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पेश किया गया विधेयक तीन तलाक को अपराध बनाता है साथ ही यह मुस्लिम पर्सनल लॉ और शरीयत में सीधा सीधा दखल देने की कोशिश है।
उन्होंने कहा कि विधेयक को यदि राज्यसभा में भी पारित कर दिया गया तो देश की विभिन्न मुस्लिम संस्थाएं सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी। उन्होंने पीटीआई से बात करते हुए कहा, ‘हम इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे. यदि राज्यसभा ने भी विधेयक को पारित कर दिया तो हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
आईयूएमएल इसमें पक्षकार बनेगी.’ उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ‘किसी परिवार की समस्या को अपराध बनाना पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है।’
उन्होंने कहा कि सुप्रीमकोर्ट ट्रिपल तलाक को लेकर पहले ही आदेश जारी कर चूका है। जब तीन तलाक को अवैध घोषित कर दिया गया है तो फिर इस पर बनाया जाने वाला कानून किस पर लागू होगा।
