पीएम केयर फंड से खरीदे गए वेन्टीलेटरो के डिफेक्टिव निकलने पर गहलोत ने दागे सवाल

जयपुर। पीएम केयर फंड से खरीदे गए वेन्टीलेटरो के डिफेक्टिव पाए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। कई राज्यों में इन वेन्टीलेटरो के डिफेटिव तथा काम न करने की शिकायतों अब पीएम केयर फंड से खरीदे गए वेन्टीलेटरो पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पीएम केयर फंड से राज्यों को दिये गये वेंटिलेटर्स के डिफेक्टिव पाए जाने पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अनुभवहीन कंपनियों से खरीदे गए वेंटिलेटर्स के मामले में निष्पक्ष जांचकर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट के जरिए कहा है कि मीडिया रिपोर्ट से पता लगी जानकारी के मुताबिक भारत सरकार की कम्पनी एचएलएल लाइफ केयर के माध्यम से 10 कम्पनियों से 59 हजार वेंटिलेटर खरीदे गए थे. इनमें से कई कम्पनियां ऐसी भी हैं जिन्हें वेंटिलेटर बनाने का अनुभव ही नहीं है।

गहलोत ने कहा कि इसके चलते ही कई राज्यों को डिफेक्टिव वेंटिलेटर वितरित हो गए जो मरीजों के जीवन के लिए रिस्की होने की वजह से अधिकांश जगहों पर डॉक्टर्स द्वारा उपयोग नहीं लिए गए। गहलोत ने उम्मीद जताई की भारत सरकार इसकी निष्पक्ष जांच करवाकर डिफेक्टिव वेंटिलेटर सप्लाई करने वाली कम्पनियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करेगी।

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हालांकि ,मुख्यमंत्री गहलोत ने इस प्रकरण में उठाए गये कदम को लेकर प्रधानमंत्री की तारीफ भी की। गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पीएम केयर फंड से मिले वेंटिलेटर्स की ऑडिट करवाने का निर्णय सही दिशा में उठाया गया कदम है।

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